संस्कृति और उत्सव
नालंदा ज़िला: धर्मगंज पुस्तकालयज़िले में
पन्ना कहता है कि इसके धर्मगंज पुस्तकालय में हज़ारों पांडुलिपियाँ थीं और पढ़ाई में बौद्ध दर्शन, तर्क, संस्कृत व्याकरण, चिकित्सा और खगोल शामिल थे।
स्रोत पढ़ें ↗नालंदा ज़िला: ह्वेनसांग स्मारक भवनज़िले में
इनक्रेडिबल इंडिया खंडहरों के पास एक स्मारक भवन बताता है, जो नालंदा में पढ़े चीनी यात्री और विद्वान ह्वेनसांग के सम्मान में है।
स्रोत पढ़ें ↗पूरे बिहार में: फगुआव्यापक शहर / क्षेत्र
यही पन्ना बताता है कि बिहार में होली को फगुआ कहा जाता है, जिसमें शाम को लोकगीत और नाच होते हैं।
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